Saturday, June 15, 2024
Google search engine
HomeInternational News| ‘रेमल' का खौफ, बांग्लादेश में जोखिम भरे इलाकों से निकासी अभियान...

| ‘रेमल’ का खौफ, बांग्लादेश में जोखिम भरे इलाकों से निकासी अभियान शुरू – Hindi News | Live News in Hindi


प्रतिकात्मक तस्वीर (सौजन्य सोशल मीडिया)

प्रचंड चक्रवाती तूफान‘रेमल’ के बांग्लादेश पहुंचने की आशंका को देखते हुये बांग्लादेश ने तूफान से निपटने की तैयारियों के तहत जोखिम वाले इलाकों के निवासियों की निकासी का अभियान शुरू कर दिया है। चक्रवाती तूफान के रविवार शाम या आधी तक पहुंचने की आशंका है जिससे देश के तटीय जिलों सतखीरा और कॉक्स बाजार क्षेत्र में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और भारी बारिश होने की संभावना है।

Loading

ढाका : प्रचंड चक्रवाती तूफान‘रेमल’ के बांग्लादेश पहुंचने की आशंका को देखते हुये बांग्लादेश ने तूफान से निपटने की तैयारियों के तहत रविवार को जोखिम वाले इलाकों के निवासियों की निकासी का अभियान शुरू कर दिया है। चक्रवाती तूफान के रविवार शाम या आधी तक पहुंचने की आशंका है जिससे देश के तटीय जिलों सतखीरा और कॉक्स बाजार क्षेत्र में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और भारी बारिश होने की संभावना है।

बीएसएस समाचार एजेंसी की खबर के अनुसार, चक्रवात के नवीनतम चेतावनी बुलेटिन के अनुसार, ‘रेमल’ के उत्तरी दिशा में बढ़ने और शाम या रात तक मोंगला के निकट पश्चिम बंगाल-खेपुपारा तट के सागर द्वीप को पार करने का अनुमान जताया गया है। बीएसएस ने आपदा प्रबंधन विभाग के महानिदेशक मिजानुर रहमान के हवाले से कहा कि बड़े पैमाने पर निकासी शुरू की जा चुकी है। जोखिम वाले स्थानों पर रहने वाले सभी लोगों को यथाशीघ्र सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाना है।

शनिवार को, आपदा प्रबंधन एवं राहत मंत्री मोहम्मद मोहिबुर रहमान ने कहा कि अधिकारियों ने चक्रवात राहत केंद्रों को तैयार रखा है और आपदा से निपटने के लिए हर तरह की तैयारियां की हैं। वहीं जिला प्रशासन ने सामाजिक, शैक्षिक और धार्मिक संस्थानों के परिसरों को अस्थायी आश्रय स्थल में तब्दील कर दिया है। साथ ही, तटीय जिलों में 4,000 चक्रवात राहत केंद्र बनाये गए हैं। रहमान ने कहा कि चक्रवात तैयारी कार्यक्रम के कुल 78,000 स्वयंसेवकों को तटीय जिले में आपदा से निपटने के लिए मुस्तैद रखा गया है। लगभग 8,600 रेड क्रिसेंट स्वयंसेवी और अन्य लोग एक अभियान में शामिल हुए, जिसमें सरकारी अधिकारियों के साथ जोखिम वाले स्थानों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया। वहीं, जिला प्रशासन ने उन्हें चक्रवात आश्रय स्थलों तक ले जाने के लिए परिवहन की व्यवस्था की।

जानकारी के अनुसार चक्रवात ‘रेमल’ के संभावित परिणामों से निपटने के लिए सभी मंत्रालयों, प्रभागों और अधीनस्थ कार्यालयों के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। चटगांव बंदरगाह प्राधिकरण ने चक्रवात के तट की ओर बढ़ने के कारण बंदरगाह पर सभी परिचालन निलंबित कर दिया है। ढाका ट्रिब्यून अखबार के मुताबिक, चटगांव हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन आठ घंटे के लिए निलंबित कर दिया गया है। अखबार में कहा गया है कि रविवार सुबह, बांग्लादेश मौसम विभाग ने चटगांव और कॉक्स बाजार बंदरगाहों पर बड़े खतरे का संकेत जारी किया है।

तटीय जिले – खुलना, सतखीरा, बागेरहाट, पिरोजपुर, झालाकाठी, बरगुना, भोला और पटुआखाली में भी बड़े खतरे का संकेत जारी किया गया है। चक्रवात रेमल अब एक प्रचंड चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। बांग्लादेश मौसम विभाग के मौसम विज्ञानी हफीजुर रहमान द्वारा जारी बुलेटिन में कहा गया है कि सुबह 9:00 बजे, चक्रवात चटगांव बंदरगाह से लगभग 380 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में केंद्रित था। हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवातों के नामकरण की प्रणाली के अनुसार, मानसून-पूर्व मौसम में बंगाल की खाड़ी में यह पहला चक्रवात है और इसे ‘रेमल’ नाम दिया गया है, जिसका अरबी में अर्थ रेत होता है।

(एजेंसी)




RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments