Saturday, June 15, 2024
Google search engine
HomeNational News| पुणे पोर्शे कार एक्सीडेंट : नाबालिग के ब्लड सैंपल बदलने के...

| पुणे पोर्शे कार एक्सीडेंट : नाबालिग के ब्लड सैंपल बदलने के लिए रिश्तेदार ने ससून अस्पताल में दिए पैसे, 2 डाॅक्टर गिरफ्तार – Hindi News | Live News in Hindi


पुणे पोर्शे कार एक्सीडेंट (डिजाइन फोटो)


पुणे पोर्शे कार एक्सीडेंट मामले मे नाबालिग के ब्लड सैंपल बदलने के लिए रिश्तेदार ने ससून अस्पताल के 2 डाॅक्टर को पैसे दिए । अब रिश्वतखोरी के आरोप मे डॉ. अजय तावरे और डॉ. श्रीहरि हरलोल को गिरफ्तार किया गया है ।

Loading

पुणे : पोर्शे कार एक्सीडेंट मामले से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आ रही। पुणे पुलिस ने उस कार दुर्घटना के मामले में रक्त के नमूनों से छेड़छाड़ करने और सबूतों को नष्ट करने के आरोप में यहां ससून सर्वोपचार रुग्णालय के दो चिकित्सकों को गिरफ्तार किया है। खबर ये है कि नाबालिग के परिजनों ने डॉक्टर को पैसों का लालच दिया। ज्ञात हों कि 17 वर्षीय एक किशोर ने दारू के नशे में दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर को तेज रफ्तार कार से टक्कर मारकर मौत के घाट उतारा है।

ब्लड सैंपल से छेडछाड

इस मामले में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें अस्पताल के फोरेंसिक विभाग के प्रमुख भी शामिल हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘उन्हें रक्त के नमूनों से छेड़छाड़ करने और सबूतों को नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।”

ये दो डॉक्टर गिरफ्तार

अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान डॉ. अजय तावरे और श्रीहरि हरनोर के रूप में की गई है। इस मामले की जांच अपराध शाखा कर रही है। पुरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख देने वाली इस घटना ने एक के बाद एक नये पहलु सामने आ रहें है।


नशे में हादसा

गौरतलब हो कि पुणे में 19 मई की सुबह तेज रफ्तार से जा रही ‘पोर्श’ कार की टक्कर लगने से दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी। यह कार नाबालिग कथित रूप से चला रहा है। पुलिस का दावा है कि जिस समय हादसा हुआ, उस समय किशोर नशे में था।

पिता और दादा गिरफ्तार

किशोर को शुरुआत में किशोर न्याय बोर्ड ने जमानत दे दी थी और उसे सड़क दुर्घटनाओं पर एक निबंध लिखने के लिए भी कहा था लेकिन उसके साथ नरमी बरते जाने पर हुई आलोचना और पुलिस द्वारा पुनरीक्षण याचिका दायर किए जाने के बाद उसे पांच जून तक हिरासत केंद्र में भेज दिया गया। पुलिस ने इस मामले में किशोर के पिता और उसके दादा को गिरफ्तार किया है। किशोर के पिता एक रियल एस्टेट कारोबारी हैं।

ससून अस्पताल में क्या हुआ

मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 11 बजे नाबालिग को मेडिकल जांच के लिए पुणे के ससून सरकारी अस्पताल ले जाया गया। इसी दौरान नाबालिग के परिजनों ने डॉक्टर को पैसों का लालच दिया । डॉ. अजय तावरे ससून अस्पताल में फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी विभाग के प्रमुख हैं। जबकि डॉ. श्रीहरि हरलोल दुर्घटना विभाग में मुख्य चिकित्सा अधिकारी हैं। श्रीहरि हरलोल विभाग ने नाबालिग के खून के नमूने लिए।

हालांकि, यह समझने के बाद कि इसमें अल्कोहल पाया जा सकता है, दोनों डॉक्टरों ने नाबालिग के खून का नमूना बदलने का फैसला किया। इसके लिए छुट्टी पर चल रहे डॉक्टर अजय तावरे ने हस्तक्षेप किया। डॉक्टर अजय तावरे पिछले कुछ दिनों से छुट्टी पर हैं। हालांकि, तावरे ने फिर भी अस्पताल के कर्मचारियों से नाबालिग के रक्त के नमूने को बदलने के लिए कहा।

इस नाबालिग की जगह दूसरे मरीज के खून के नमूने जांच के लिए भेज दिए गए। हालांकि, पुणे पुलिस ने डीएनए परीक्षण के लिए नाबालिग के रक्त के नमूने को दूसरी लैब में भेजने का फैसला किया और डॉक्टर का पर्दाफाश हो गया।




RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments