Greater Noida : साधन सहकारी समिति जहांगीरपुर के निकट आयोजित श्रीभागवत कथा में वृंदावन से पधारे संत पूज्य श्री विष्णु दास जी महाराज ने श्री कृष्ण भगवान की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान की विचित्र लीलाएं भक्तों को अपनी ओर आकृष्ट करने के लिए होती हैं। क्योंकि जीव के विभिन्न जन्मों के पापों के कारण उसका मन विषय वासनाओं में लगा रहता है, जो सरलता से भगवान की ओर नहीं लगता है इसलिए भगवान कभी राम बनकर विभिन्न जंगल जाने की लीला करके संतों और भक्तों को मोह लेते हैं तो कभी जनकपुर जाकर मिथिला वासियों के हृदय को चुरा लेते हैं। श्री कृष्ण बनकर व्रज की गोपियों के माखन चुरा लेते हैं, चीर चुरा लेते हैं, कंकर से मटकी तोड़ देते हैं, विभिन्न क्रीड़ा करते हुए अनेकों राक्षसों को अपने धाम भेज देते हैं।भगवान की चीर हरण लीला वास्तव में जीव और ब्रह्म के बीच में पड़े हुए पर्दे को हटाने की लीला है जिसे ज्ञान न रहने के कारण मनुष्य अपनी बुद्धि से गलत समझ लेता है। इस अवसर पर कथा में अयोध्या से पधारे पूज्य आचार्य श्री नारायण त्रिपाठी जी, मुकेश सिंह राणा, अंजू राणा, आदि भक्तगण उपस्थितरहे।