
Greater Noida (कृष्णा वत्स) : शुक्रवार को कस्बे के टेलीफोन एक्सचेंज प्रांगड़ में श्री राधा कृष्ण प्रचार मण्डल जहांगीरपुर के तत्वाधान में आयोजित 25 वर्षों से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री मद्भागवत का आयोजन किया गया। कस्बे के चैयरमैन गजेन्द्र मीना एवं जयप्रकाश शर्मा पूर्व चैयरमैन नगर पंचायत जहांगीरपुर ने फीता काट कर किया।कथावाचक आचार्य श्री अतुल कृष्ण जी महाराज के पावन सानिध्य में शिव मंदिर चौक से भव्य एवं पारंपरिक वेशभूषा में जल भरने के साथ शुरू हुई कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल रहीं। कलश को भर कर लाने के बाद ढोल नगाड़ों एवं बैंड बाजों के साथ कथा आयोजन स्थल पर धार्मिक विधि एवं मंत्रोच्चरण के साथ स्थापित किया गया। चौकी प्रभारी शिवप्रताप सिंह ने भागवत स्थल पर कलश यात्रा पहुँचने पर फीता काटकर शुभारम्भ किया। और श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य अतुल कृष्ण जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सर्वप्रथम इसकी महिमा से अवगत कराया।उन्होंने बताया कि विश्व में सभी कथाओं में ये श्रेष्ठ मानी गई है। जिस स्थान पर इस कथा का आयोजन होता है, वो तीर्थ स्थल कहलाता है। इसका सुनने एवं आयोजन कराने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियां को ही मिलता है। ऐसे में अगर कोई दूसरा अन्य भी इसे गलती से भी श्रवण कर लेता है, तो भी वो कई पापों से मुक्ति पा लेता है। इसलिए सात दिन तक चलने वाली इस पवित्र कथा को श्रवण करके अपने जीवन को सुधारने का मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। अगर कोई सात तक किसी व्यवस्तता के कारण नहीं सुन सकता है, तो वह दो तीन या चार दिन ही इसे सुनने के लिए अपना समय अवश्य निकालें। तब भी वो इसका फल प्राप्त करता है, क्योंकि ये कथा भगवान श्री कृष्ण के मुख की वाणी है, जिसमें उनके अवतार से लेकर कंस वध का प्रसंग का उल्लेख होने के साथ साथ इसकी व्यक्ति के जीवन में महत्ता के बारे में भी बताया गया है। इसके सुनने के प्रभाव से मनुष्य बुराई त्याग कर धर्म के रास्ते पर चलने के साथ साथ मोक्ष को प्राप्त करता है। शास्त्री ने बताया कि इस कथा को सबसे पहले अभिमन्यु के बेटे राजा परीक्षित ने सुना था, जिसके प्रभाव से उसके अंदर तक्षक नामक नाग के काटने से होने वाली मृत्य़ु का भय दूर हुआ और उसने मोक्ष को प्राप्त किया था।नगर भ्रमण में कुलभूषण शर्मा, ठा. अरविन्द सिंह, संजीव शर्मा, प्रियंक गौड, हनी वर्मा समेत हजारों श्रृद्धालु कलश यात्रा में सम्मलित हुये ।