New Delhi : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के ‘मंदिर-मस्जिद’ विवाद न उठाने वाले बयान पर संत समुदाय ने सवाल उठाए हैं। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि भागवत हिंदुओं की दुर्दशा नहीं समझते हैं, जबकि कई मंदिर तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने भागवत पर ‘राजनीतिक सुविधा’ के तहत बयान देने का आरोप लगाया और कहा कि पहले सत्ता पाने के लिए मंदिर-मंदिर की बात की, अब सत्ता मिलने पर यही मुद्दा छोड़ने की नसीहत दे रहे हैं।