New Delhi : पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का 26 दिसंबर को निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार को लेकर राजनीति तेज हो गई थी और कांग्रेस का कहना था कि उन्हें वहीं मुखाग्नि दी जानी चाहिए थी, जहां उनका अंतिम संस्कार हो। निगम बोध पर उनके अंतिम संस्कार को अपमान करार देते हुए कांग्रेस ने हमला बोला था। वहीं सरकार का कहना था कि हम उनके स्मारक के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं और ट्रस्ट का इसके लिए गठन किया जाएगा। ऐसे में थोड़ा समय लगेगा। इस बीच मनमोहन सिंह के स्मारक के लिए केंद्र सरकार की एजेंसियों ने काम तेज कर दिया है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने कुछ जगहों को चिह्नित किया है। इन स्थानों पर मनमोहन सिंह का स्मारक बनाया जा सकता है। अधिकारियों ने जिन स्थानों को निरीक्षण किया है, उनमें किसान घाट, राष्ट्रीय स्मृति स्थल और राजघाट के पास की जगहें शामिल हैं। कहा जा रहा है कि इन स्थानों की सूची मनमोहन सिंह के परिवार को भी दी गई है और उनकी राय को लेते हुए ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा। फिलहाल कोई स्थान तय नहीं हुआ है और मनमोहन सिंह की फैमिली से विकल्प चुनने को कहा गया है। स्मारक बनाने से पहले सरकार की पहल पर एक ट्रस्ट का गठन किया जाएगा। फिर उस ट्रस्ट के ही आवेदन पर जमीन का औपचारिक तौर पर आवंटन होगा और स्मारक बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्मारक का निर्माण केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जाएगा। इसके लिए ट्रस्ट और विभाग के बीच एक एमओयू होगा।