Prayagraj : महाकुंभ से पहले संगम की रेती पर साधु-संतों का विहंगम रूप देखने को मिल रहा है। इसी बीच, सवा लाख रुद्राक्ष वाले बाबा के नाम से मशहूर गीतानंद गिरि महाराज अपने सिर पर 45 किलो रुद्राक्ष की मालाओं का मुकुट धारण कर हर दिन 12 घंटे तपस्या कर रहे हैं। गीतानंद गिरि महाराज ने अर्द्ध कुंभ 2019 में संकल्प लिया था कि वह 12 साल तक सवा लाख रुद्राक्ष की माला धारण करेंगे। अब तक उनकी तपस्या के छह साल पूरे हो चुके हैं और उनके सिर पर रुद्राक्ष की कुल संख्या सवा दो लाख तक पहुंच चुकी है। बाबा ने बताया कि उनके सिर पर जो रुद्राक्ष की मालाएं हैं, वह करीब 45 किलो वजन की हैं। बाबा का कहना है कि महाकुंभ के बाद होने वाले अर्द्ध कुंभ में उनका संकल्प पूरा हो जाएगा, और इसके बाद वह अपने रुद्राक्ष मुकुट को त्रिवेणी संगम में प्रवाहित कर देंगे।