New Delhi : केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने स्थानांतरण से पहले की सेवा को जोड़कर कर्मचारियों को प्रोन्नति का लाभ देने का आदेश दिया है। कैट ने प्रतिवादियों को चार महीने में आवेदकों की प्रोन्नति अर्जी पर विचार कर कानून के अनुसार पदोन्नति देने और 2017 से सभी लाभ प्रदान करने को कहा है। यह फैसला रवींद्र कुमार प्रजापति, मनोज कुमार, प्रदीप कुमार, महेश चंद्र, और जोगेंद्र कुमार की अर्जियों पर सुनवाई के बाद दिया गया। ये सभी चेन्नई जोन में कर सहायक के पद पर चयनित हुए थे और 2017 में लखनऊ जोन में स्थानांतरित किए गए थे।