Greater Noida : रविवार को कस्बे के श्री चामुण्डा देवी शिव शक्ति मंदिर के प्रांगड़ में श्री मद्भागवत का आयोजन किया गया। वृंदावन से पधारे कथावाचक आचार्य श्री आदित्य कृष्ण शास्त्री जी महाराज के पावन सानिध्य में प्राचीन शिव मंदिर से भव्य एवं पारंपरिक वेशभूषा में जल भरने के साथ शुरू हुई कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल रहीं।कलश को भर कर लाने के बाद ढोल नगाड़ों एवं बैंड बाजों के साथ कथा आयोजन स्थल पर धार्मिक विधि एवं मंत्रोच्चरण के साथ स्थापित किया गया।और श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य आदित्य कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सर्वप्रथम इसकी महिमा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि विश्व में सभी कथाओं में ये श्रेष्ठ मानी गई है। जिस स्थान पर इस कथा का आयोजन होता है, वो तीर्थ स्थल कहलाता है। इसका सुनने एवं आयोजन कराने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियां को ही मिलता है।क्योंकि ये कथा भगवान श्री कृष्ण के मुख की वाणी है, जिसमें उनके अवतार से लेकर कंस वध का प्रसंग का उल्लेख होने के साथ साथ इसकी व्यक्ति के जीवन में महत्ता के बारे में भी बताया गया है। इसके सुनने के प्रभाव से मनुष्य बुराई त्याग कर धर्म के रास्ते पर चलने के साथ साथ मोक्ष को प्राप्त करता है। शास्त्री ने बताया कि इस कथा को सबसे पहले अभिमन्यु के बेटे राजा परीक्षित ने सुना था, जिसके प्रभाव से उसके अंदर तक्षक नामक नाग के काटने से होने वाली मृत्य़ु का भय दूर हुआ और उसने मोक्ष को प्राप्त किया था।नगर भ्रमण में सैकड़ों श्रृद्धालु कलश यात्रा में सम्मलित हुये।