Greater Noida : (सुहैल खान) सोमवार को श्री चामुंडा देवी शिव शक्ति मंदिर के प्रांगड़ में श्री चामुंडा देवी समिति के नेतृत्व में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा में श्री धाम वृंदावन से पधारे परम पूज्य संत श्री आदित्य कृष्ण महाराज जी ने द्वितीय दिवस की कथा श्रवण कराते हुए बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा सर्व सुलभ कैसे हुई ।जिस तरह फल मीठा होता है पेड़ का कोई भाग मीठा नहीं होता,इसी प्रकार से ही केवल भागवत कथा का फल मिलता है।और मंदिर,बेटी के घर और कथा सत्संग आदि में कभी खाली हाथ नहीं जाए कुछ न कुछ लेकर जाना है।जब व्यास जी ने वेदों के चार भाग कर लिए, छहों शास्त्रों को रच दिया ,भगवान श्री कृष्ण की लीला श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना करने के लिए सूत्र प्रदान किया ।इस प्रकार व्यास जी ने इस वैदिक संहिता की रचना की । यह भागवत वेद रूपी वृक्ष का पका हुआ फल है जो डाली प्रति डाली धरती तक पहुंची है।कथा में उपस्थित रतना मीणा,शंकर जादौन, हरिराज सिंह, वीरेंद्र सिंह जादौन,विमलेश देवी,सुशीला देवी,ऋतु देवी,आदि शामिल हुआ ।
संस, जागरण, जहांगीरपुर : सोमवार को श्री चामुंडा देवी शिव शक्ति मंदिर के प्रांगड़ में श्री चामुंडा देवी समिति के नेतृत्व में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा में श्री धाम वृंदावन से पधारे परम पूज्य संत श्री आदित्य कृष्ण महाराज जी ने द्वितीय दिवस की कथा श्रवण कराते हुए बताया कि श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा सर्व सुलभ कैसे हुई ।जिस तरह फल मीठा होता है पेड़ का कोई भाग मीठा नहीं होता,इसी प्रकार से ही केवल भागवत कथा का फल मिलता है।और मंदिर,बेटी के घर और कथा सत्संग आदि में कभी खाली हाथ नहीं जाए कुछ न कुछ लेकर जाना है।जब व्यास जी ने वेदों के चार भाग कर लिए, छहों शास्त्रों को रच दिया ,भगवान श्री कृष्ण की लीला श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना करने के लिए सूत्र प्रदान किया ।इस प्रकार व्यास जी ने इस वैदिक संहिता की रचना की । यह भागवत वेद रूपी वृक्ष का पका हुआ फल है जो डाली प्रति डाली धरती तक पहुंची है।कथा में उपस्थित रतना मीणा,शंकर जादौन, हरिराज सिंह, वीरेंद्र सिंह जादौन,विमलेश देवी,सुशीला देवी,ऋतु देवी,आदि शामिल हुआ ।