New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने चुनावों में मुफ्त योजनाओं के वादों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे लोगों में काम करने की इच्छा कम हो रही है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि मुफ्त राशन और धन मिलने से समाज में परजीविता को बढ़ावा मिल सकता है। केंद्र सरकार ने बताया कि शहरी बेघर लोगों के लिए आश्रय योजनाओं पर काम किया जा रहा है, जिसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई छह हफ्ते के लिए टाल दी। वहीं, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े नए कानून के खिलाफ दायर याचिका पर 19 फरवरी को सुनवाई होगी।