कानून बनाने के तरीके पर अदालतें निर्देश नहीं दे सकतीं : सुप्रीम कोर्ट

Spread the love

New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालतें विधायिका को कानून बनाने के लिए कोई निर्देश नहीं दे सकतीं। जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। याचिका में मांग की गई थी कि जिला अदालतें या पुलिस शिकायतकर्ता या पीड़ित को निशुल्क आरोपपत्र की प्रति दें। केंद्र सरकार के वकील ने दलील दी कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 230 पहले से ही पीड़ित और आरोपी को निशुल्क दस्तावेज देने का प्रावधान करती है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि बीएनएसएस में पीड़ितों के सुनवाई के अधिकार को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया और याचिका खारिज कर दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *