गाजीपुर में श्रद्धालुओं के लिए काला दिन

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Uttar Pradesh : गाजीपुर जनपद में 49 घंटे 15 मिनट के भीतर महाकुंभ जा रहे श्रद्धालुओं के साथ एक के बाद एक सात भीषण सड़क हादसे हुए। इन हादसों में 6 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 44 अन्य घायल हो गए। पोस्टमार्टम हाउस में शव लेने पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। नंदगंज हादसे में तीन वर्षीय आराध्या, जो अपने पिता अर्जुन सिंह के साथ थीं, बाल-बाल बच गई, लेकिन उसके माता-पिता दोनों ही नहीं रहे। वहीं, बिरनो में हुए हादसे में मृत डॉ. सोनी यादव के ढाई वर्षीय जुड़वा मासूम बेटों की तस्वीर देखकर हर कोई भावुक हो गया। डॉ. मुकेश यादव की पत्नी डॉ. सोनी यादव महाकुंभ स्नान के लिए निकली थीं। उन्होंने रवानगी से पहले अपने पति और बच्चों से फोन पर बात की और सुबह तक घर लौटने की बात कही थी, लेकिन किसे पता था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी। हादसे में डॉ. सोनी यादव, उनकी बुआ गायत्री, चालक मोहम्मद सलाउद्दीन और एमआर दीपक झा की मौके पर ही मौत हो गई। नंदगंज थाना क्षेत्र के कुसुम्ही कलां गांव के पास हुए हादसे में अर्जुन सिंह और उनकी पत्नी बबीता सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। उनकी तीन वर्षीय बेटी आराध्या सिंह को खरोंच तक नहीं आई, लेकिन वह अनाथ हो गई। हादसे से पहले परिवार की ली गई खुशी भरी तस्वीरें अब अपनों की यादों में सिमट गई हैं। महाकुंभ में लाखों श्रद्धालु जा रहे हैं, लेकिन सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने से लगातार हादसे हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद यातायात नियंत्रण और सुरक्षा के ठोस उपायों का अभाव इन दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रहा है। यदि समय रहते प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो आगे भी ऐसी त्रासद घटनाएं होती रहेंगी।

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