New Delhi : हाल ही में अमेरिका यात्रा से लौटे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखकर हिमालयी ग्लेशियरों के संरक्षण में भारत से अग्रणी भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो अगले महाकुंभ तक कई नदियां सूख सकती हैं। ग्लेशियर संरक्षण को लेकर वैश्विक संदेश देने के लिए वांगचुक ने लद्दाख के खारदुंग ला ग्लेशियर से बर्फ का टुकड़ा लेकर यात्रा शुरू की और इसे दिल्ली, अमेरिका के हार्वर्ड और एमआईटी विश्वविद्यालयों, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय तक पहुंचाया। अंत में 21 फरवरी को न्यूयॉर्क के हडसन और ईस्ट रिवर के संगम में इस बर्फ को प्रवाहित किया गया। ग्लेशियरों की रक्षा के लिए विशेष नीतियों की मांग करते हुए वांगचुक ने गंगोत्री और यमुनोत्री को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने और उनके संरक्षण के लिए आयोग गठित करने का सुझाव दिया। उन्होंने पीएम मोदी की ‘मिशन लाइफ’ योजना की सराहना करते हुए कहा कि भारत को इस वैश्विक मुद्दे पर मजबूत नेतृत्व दिखाना चाहिए। वांगचुक ने पीएम मोदी से मिलने की इच्छा जताई और कहा कि वह लद्दाख के लोगों की ओर से एक प्रतीकात्मक बर्फ का टुकड़ा भेंट कर ग्लेशियर संकट पर जागरूकता बढ़ाना चाहते हैं।