Lakhnow : लखनऊ में 6 मार्च को होने वाले पावर कॉरपोरेशन के 17 निदेशकों के चयन को लेकर विवाद गहरा गया है। दलित और पिछड़े वर्ग के अभियंताओं को साक्षात्कार के लिए कॉल लेटर न भेजने पर अभियंता संगठनों ने नाराजगी जताई और चयन प्रक्रिया रद्द करने की मांग की। अभियंताओं का आरोप है कि पात्र होने के बावजूद उन्हें इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया गया, जबकि चहेते अभियंताओं को बुलाया जा रहा है। इस मुद्दे पर अभियंता संघों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ ने भी चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि 54 में सिर्फ 19 विभागीय अभियंता बुलाए गए, जबकि 35 बाहरी उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई। संघ ने ऊर्जा निगमों के निजीकरण की आशंका जताते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।