New Delhi : भुवनेश्वर एम्स में 16 महीने के मास्टर जनमेश लेंका ने अंगदान के माध्यम से दो मरीजों को जीवनदान दिया। उनके माता-पिता ने गहरे दुख के बावजूद यह साहसिक फैसला लिया और दूसरों के लिए आशा की मिसाल पेश की। जनमेश को सांस लेने में तकलीफ के कारण 12 फरवरी को भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बावजूद 1 मार्च को उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। जनमेश का लिवर दिल्ली के इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) भेजा गया, जहां इसे एक बच्चे में प्रत्यारोपित किया गया। वहीं, उनकी दोनों किडनी एम्स भुवनेश्वर में एक किशोर मरीज में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित की गईं। एम्स भुवनेश्वर के निदेशक प्रो. आशुतोष बिस्वास ने इस साहसिक निर्णय और चिकित्सा टीम की सराहना की। जनमेश के माता-पिता, विशेष रूप से उनके पिता जो एम्स में ही छात्रावास वार्डन हैं, ने अपनी पीड़ा को भूलकर मानवता की मिसाल पेश की।