New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कॉमेडियन समय रैना के विवादित बयानों पर नाराजगी जताते हुए युवा पीढ़ी को फटकार लगाई। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि “कुछ लोग सोचते हैं कि वे बहुत होशियार हैं और हमें नहीं पता कि क्या हो रहा है, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि अदालत के पास पूरा अधिकार क्षेत्र है।” सुप्रीम कोर्ट ने पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया को उनके शो ‘द रणवीर शो’ को प्रसारित करने की अनुमति दे दी, लेकिन शर्त रखी कि शो की सामग्री नैतिकता और शालीनता के दायरे में होनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी भी विवादित मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकते। समय रैना के कनाडा में दिए गए बयानों पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि “वे यह नहीं समझते कि सुप्रीम कोर्ट का अधिकार क्षेत्र क्या है। हम उन्हें मौका दे रहे हैं कि वे जिम्मेदारी से पेश आएं, वरना कार्रवाई होगी।” कोर्ट ने केंद्र सरकार को सोशल मीडिया सामग्री के लिए एक संतुलित नियामक तंत्र तैयार करने का निर्देश दिया, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित किए बिना अनुशासन बनाए रखे। रणवीर अल्लाहबादिया को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया गया, लेकिन उन्हें गुवाहाटी में जांच में शामिल होने को कहा गया। इसके अलावा, यूट्यूबर आशीष चंचलानी की याचिका को भी इसी मामले में जोड़कर सुनवाई करने का निर्णय लिया गया।