New Delhi : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तानी सरकार को अफगान आतंकवादी शरीफुल्ला खान की गिरफ्तारी में मदद करने के लिए सार्वजनिक रूप से धन्यवाद दिया। यह तब हुआ जब अफगानिस्तान से अमेरिकी और नाटो सैनिकों की वापसी के बाद पाकिस्तान अमेरिका की प्राथमिकताओं में कम महत्वपूर्ण हो गया था। बाइडन प्रशासन के दौरान अमेरिका ने पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाए, जबकि ट्रंप सरकार में पाकिस्तान को एफ-16 बेड़े के रखरखाव के लिए वित्तीय सहायता दी गई थी। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का “धन्यवाद” अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में बड़े बदलाव का संकेत नहीं देता, बल्कि यह एक अस्थायी कूटनीतिक स्थिति हो सकती है। अब यह देखना होगा कि दोनों देश भविष्य में अपने संबंधों को कैसे संतुलित करते हैं।