New Delhi : गूगल विशेषज्ञों के अनुसार, इस पैमाने पर डाटा कई इन्फोस्टीलिंग मैलवेयर (संवेदनशील जानकारी चुराने वाले सॉफ्टवेयर) से चुराए होंगे। साइबर अपराधी अक्सर इस मैलवेयर का इस्तेमाल करते हैं और पासवर्ड व जानकारियां डार्क वेब पर बेच देते हैं। शोधकर्ताओं ने उस मेजबान प्रोवाइडर से भी संपर्क किया, जो करोड़ों पासवर्ड को टेक्स्ट फाइल में स्टोर कर रहा था। दावा है, कुछ हफ्तों के अंतराल में नए बड़े डाटासेट सामने आते हैं, जो संकेत देते हैं कि इन्फोस्टीलर मैलवेयर कितने खतरनाक हैं।