षड्यंत्र के तहत किसान परिवार को अपहृत करने वाले पाँच अभियुक्तों को जेवर पुलिस ने किया गिरफ्तार 

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Greater Noida : जेवर कोतवाली पुलिस ने षड्यंत्र के तहत किसान परिवार को अपहृत करने वाले गैंग के पाँच अभियुक्तगणों कैप्टन पुत्तन सिंह पुत्र सियाराम सिंह निवासी मकान नंबर 262 सेक्टर 135 नोएडा गौतमबुद्धनगर,प्रमोद पुत्र निरंजन निवासी ग्राम दयानतपुर थाना जेवर गौतमबुद्धनगर, पवन चौधरी पुत्र अतर सिंह निवासी ग्राम दयानतपुर थाना जेवर गौतमबुद्धनगर, रामादेवी पत्नी शंकर सिह निवासी मैदानगढी दिल्ली, सरोजबाला पत्नी कैप्टन पुत्तन सिह निवासी मकान नंबर 262 सेक्टर 135 नोएडा गौतमबुद्धनगर को दयानतपुर से शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। जिनके कब्जे से पुलिस ने अपहृत परिवार को सकुशल बरामद कर लिया।गौरतलब है कि जेवर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के स्टेज 1, फेज 1 के विस्थापित छः गांवो के सभी परिवारों को आरआर साइट जेवर में पुनर्वासित किया गया है। परन्तु ग्राम रोही निवासी हंसराज व हंसराज के परिवार को वहां जाने में आपत्ति थी। हंसराज के परिवार में हंसराज के अतिरिक्त तीन अन्य सदस्य पत्नी कमलेश देवी, पुत्र सौरभ एवं सोनू है। पिछले तीन वर्ष से हंसराज व हंसराज का परिवार जेवर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट की बाउन्ड्री वाल के अन्दर निवास कर रहा था। उपजिलाधिकारी जेवर द्वारा 29 मई 2025 को उक्त परिवार को जेवर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर से हटाकर आरआर साईट में हंसराज को आवंटित भूखण्ड पर स्थापित करा दिया गया था।29 मई 2025 को सौरभ द्वारा अपने माता-पिता को कैलाश अस्पताल जेवर में भर्ती कराया गया था। जिन्हें स्वस्थ होने के उपरान्त 4 जून 2025 को सौरभ द्वारा अस्पताल से डिस्चार्ज करा लिया गया था।छः जून को हंसराज, कमलेश और सौरभ अचानक गायब हो गये। जिसके उपरांत सोनू पुत्र हंसराज द्वारा प्रमोद,कैप्टन पुत्तन, कुछ किसान नेता, अधिवक्ता के कहने पर 2 जून 2025 को अपने पिता हंसराज माता कमलेश व छोटे भाई सौरभ के अवैध हिरासत मे रखने के सम्बन्ध मे उच्च न्यायालय इलाहाबाद में (हैबियस कोर्पस) रिट पिटीशन नंबर 480/2025 पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के विरुद्ध योजित की गयी थी उक्त रिट पिटीशन को उच्च न्यायालय द्वारा 9 जून 2025 को स्वीकार करते हुए 11 जून 2025 को तलाशरत अपह्रत हंसराज,कमलेश देवी व सौरभ को उच्च न्यायालय के समक्ष भौतिक रूप से प्रस्तुत करने हेतु आदेश निर्गत किया गया था। उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा निर्गत आदेश के अनुपालन मे पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा द्वारा कुल सात पुलिस टीम गठित की गयी थी। पुलिस टीम द्वारा तलाशरत अपह्रत हसंराज, कमलेश देवी एवं सौरभ की तलाश मे स्थानीय अभिसूचना, वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग करते हुए तलाशरत अपह्रत हंसराज व हंसराज की पत्नी व पुत्र सौरभ के स्वतन्त्र विचरण के सम्बन्ध में ठोस एवं ग्राह्य प्रमाण संकलित कर उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किये गये परन्तु तलाशरत अपह्रत तीनों व्यक्तियों को उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नही किया जा सका। तत्पश्चात उच्च न्यायालय द्वारा सुनवाई की तिथि 12 जून 2025 नियत की गयी। पुलिस टीम द्वारा अथक प्रयास करने के बावजूद छिपाये गये हंसराज व हंसराज की पत्नी कमलेश देवी तथा हंसराज के पुत्र सौरभ को उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जा सका तत्पश्चात उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा उक्त रिट पिटीशन में अगली सुनवाई की तिथि 7 जुलाई 2025 नियत की गयी है। 26 जून 2025 को हंसराज के परिचित कामेश पुत्र प्रेमपाल सिंह निवासी ग्राम थोरा थाना जेवर जनपद गौतमबुद्धनगर के द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर थाना जेवर पर मुकदमा अपराध संख्या 205/2025 धारा 140 (3) बीएनएस पंजीकृत किया गया। तलाशरत अपह्रत हंसराज व हंसराज की पत्नी कमलेश देवी तथा हंसराज का पुत्र सौरभ की सकुशल बरामदगी हेतु कुल सात टीमे गठित की गयी थी। सभी टीमों मे द्वारा घटना के अनावरण हेतु क्षेत्र मे लगे सीसीटीवी कैमरों की गहनता से जाँच की गयी एवं अथक प्रयास किये गये एवं स्थानीय अभिसूचना, तकनीकी एवं इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों को एकत्र किया गया। वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग कर, विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि तलाशरत अपह्रत हंसराज, कमलेश देवी व सौरभ को प्रमोद, कैप्टन पुत्तन सिंह, पवन चौधरी, सरोज बाला, रामा देवी एवं इनके अन्य साथियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए अपह्रत करने के उद्देश्य से तलाशरत अपह्रत व्यक्तियो को बन्धक बनाकर रखा गया था। पुलिस टीमो द्वारा अथक प्रयासों से अभियोग में अपहृत हंसराज व हंसराज की पत्नी कमलेश देवी तथा हंसराज का पुत्र सौरभ के सम्बन्ध में गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि पवन चौधरी निवासी दयानतपुर थाना जेवर के ग्राम दयानतपुर के बाहर एकान्त स्थान पर बने घेर से अपहृत हंसराज व हंसराज की पत्नी कमलेश व हंसराज का पुत्र सौरभ को छुपाकर साजिश के तहत रखा गया है एवं वहां पर गाँव को लोगों का आना जाना नही होता है। इस सूचना पर पुलिस टीमों द्वारा 27 जून 2025 को पवन के घेर से हंसराज उनकी पत्नी कमलेश देवी व पुत्र सौरभ को सकुशल बरामद किया गया। मुकदमा उपरोक्त में प्रकाश में आये अभियुक्तगण कैप्टन पुत्तन सिंह, प्रमोद, पवन चौधरी, रामादेवी,सरोजबाला को 27 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तगण से पूछताछ एवं सीसीटीवी फुटेज एवं सर्विलांस टीम की सहायता से यह तथ्य प्रकाश में आए कि 6 जून 2025 को मास्टरमाइन्ड कैप्टन पुत्तन सिह ने हंसराज, कमलेश देवी व हंसराज के पुत्र सौरभ को इलाज के बहाने ले जाकर षड्यंत्र कर अपह्रत करने के उद्देश्य से अपहरण कर लिया गया था। जिन्हें 6 जून 2025 को आरआर कालोनी से रात्रि करीब 10.30 बजे हंसराज के भतीजे की गाड़ी स्विफ्ट से नहर कोठी दयानतपुर के पास हंसराज, उनकी पत्नी तथा लड़का सौरभ पहुँचे जहाँ पर इन तीनों को कैप्टन पुत्तन जो वर्तमान में उड्डयन कम्पनी में पायलट है एवं प्रमोद सिह निवासी दयानतपुर ने अपनी गाड़ी में इन्हे साथ बैठाकर कैप्टन पुत्तन के मकान सेक्टर 135 नोएडा ले गए तथा उसी रात्रि करीब 12 बजे के बाद अपनी योजना के तहत लगभग आधा घण्टा रुकने के पश्चात प्रमोद सिंह को वही छोड़कर कैप्टन पुत्तन ने अपनी गाड़ी बीएमडब्लू नंबर UP16CN3205 से हंसराज एवं उनकी पत्नी कमलेश व उनके लड़के सौरभ को अपनी पत्नी सरोजबाला (कैप्टन पुत्तन) व सास रामा देवी की मदद से साथ लेकर मैदानगढी दिल्ली रामादेवी के मकान पर पहुँचे जहाँ पर रामादेवी की देख रेख मे उसी के मकान मे 14 जून 2025 तक छुपाकर रखे थे। इस दौरान हंसराज के मिलने वाले किसी भी व्यक्ति से कोई भी सम्पर्क स्थापित नही होने दिया गया तथा उनकी सभी मोबाइल फोन बंद करा दिये गये थे। पकड़े जाने के डर से 14 जून 2025 को कैप्टन पुत्तन ने अपनी गाड़ी बीएमडब्लू नंबर UP16CN3205 से मैदानगढी दिल्ली से हंसराज को अपनी गाड़ी की डिग्गी मे लिटाकर उनके लड़का एवं पत्नी कमलेश को बीच मे बैठाकर 15 जून 2025 को प्रातः 4 बजे यमुना एक्सप्रेसवे दयानतपुर अण्डरपास के पास लेकर आये जहां पर पूर्व मे वार्ता के मुताबिक ग्राम दयानतपुर के पवन चौधरी अपनी बुलेरो गाडी़ लेकर उसके पास पहुँचा था। उसने अपनी बुलेरो गाडी़ मे हंसराज एवं उसकी पत्नी व लड़के सौरभ को साथ लेकर अपने घेर मे जो एकान्त स्थान पर स्थित है उसके एक कमरे मे रुकवा दिया तब से लेकर अबतक छुपकर उसी स्थान पर रोके हुये थे तथा इस दौरान कैप्टन पुत्तन एवं प्रमोद तथा उनके साथियों द्वारा कई शहरो मे गोपनीय मीटिग कर अपने अधिवक्ताओं से मिलकर सलाह लिया जाता था।पुलिस की सभी टीमें लगातार सक्रिय होकर अथक प्रयास के पश्चात 27 जून 2025 को तीनों अपहृत हंसराज, उनकी पत्नी कमलेश देवी व उनका लड़का सौरभ को एक बड़ी घटना से बचाते हुए सकुशल बरामद कर लिया गया। उक्त घटना को अंजाम देने के पीछे अभियुक्तगण का मुख्य उद्देश्य जेवर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के विकास, अधिगृहण, विस्थापन एवं पुनर्वास में व्यवधान उत्पन्न कर क्षेत्र में अपना दबदबा व वर्चस्व कायम करना था तथा उक्त कृत्य से अनैतिक आर्थिक लाभ लेने तथा अपहरण कर हत्या करके पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के उपर आरोपित करने के उद्देश्य से यह घटना कारित करने की योजना की गयी थी। इस आपराधिक षडयन्त्र के मास्टरमाइन्ड कैप्टन पुत्तन सिह ( जो वर्तमान में उड्डयन कम्पनी में पायलट है) के अतिरिक्त उसके अन्य साथी जो विभिन्न क्षेत्रो से है। अभी तक इस घटना मे प्रकाश मे आये कुल पाँच आरोपियो की गिरफ्तारी की जा चुकी है। जिसमें दो महिला आरोपी है तथा अपहृत को ले जाने व ले आने मे प्रयोग की जाने वाली गाडी बीएमडब्लू नंबर UP16CN3205 की बरामदगी की जा चुकी है। अन्य लोगों के बारे मे गहन जानकारी व छानबीन की जा रही है। शीघ्र साक्ष्य के आधार पर पुलिस द्वारा उनको भी गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही की जायेगी। गिरफ्तार उपरोक्त अभियुक्तगणों को पुलिस ने न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।

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