वाणी सुधार के लिए शिवतांडव स्तोत्र का होगा प्रयोग

Spread the love

New Delhi : शिवतांडव स्तोत्र के उच्चारण का अभ्यास बच्चों के तुतलाने और हकलाने की समस्या का सहज समाधान देगा। काशी में जल्द ही उच्चारण पाठशाला के तहत इसका प्रशिक्षण आरंभ किया जाएगा। बीएचयू के संस्कृत के विद्वान प्रो. उपेंद्र पांडेय ने शिवतांडव स्तोत्र का अभ्यास कराने की विशेष पद्धति विकसित की है। इस पद्धति में सही उच्चारण, लय और भाव सिखाए जाएंगे। इससे संवाद शैली में भी निखार आएगा। आठ दिनों के शिविर के रूप में उच्चारण पाठशालाओं की शुरुआत नगर के संस्कृत महाविद्यालयों से की जाएगी। पहला शिविर श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से दशाश्वमेध स्थित शास्त्रार्थ महाविद्यालय में डॉ. पवन शुक्ल के संयोजन में होगा। प्रो. पांडेय ने बताया किया शिवतांडव स्तोत्र के अभ्यास से उच्चारण दोष दूर करने के लिए इसे नियमित ध्यान पूर्वक सुनना होगा। कि इसका प्रशिक्षण जिस व्यक्ति से लिया जाए वह स्वयं भी शुद्ध उच्चारण करना जानता हो। पूरे स्तोत्र का एक साथ पाठ करने के बजाय छोटे-छोटे भागों में अभ्यास करें। प्रत्येक भाग को तब तक दोहराते रहें जब तक सही ढंग से पढ़ने में सहज न हो जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *