उत्तर प्रदेश : दक्षिणांचल व पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के 42 जिलों की बिजली के निजीकरण के खिलाफ आंदोलित बिजली कर्मियों के आंदोलन में अब उनके परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे। बिजली कर्मियों के परिवार के सदस्य जल्द ही निजीकरण के खिलाफ सत्याग्रह शुरू करेंगे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने कहा है कि निजीकरण में आ रही वैधानिक अड़चनों से बौखलाया पावर कारपोरेशन प्रबंधन दमन और भय का वातावरण बना रहा है। आरोप लगाया है कि प्रबंधन ने हजारों बिजली कर्मचारियों का उत्पीड़न की दृष्टि से दूरदराज के जिलों में स्थानांतरण करने के साथ ही संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति मामले में एफआइआर दर्ज कराई है। दक्षिणांचल व पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण शुरुआत है, इनका निजीकरण हो जाने के बाद पूरे प्रदेश में बिजली का निजीकरण करने में कोई समय नहीं लगेगा।