Greater noida : गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी “श्री बुढ़ा बाबा दौज मेला समिति” के नेतृत्व में मंगलवार को जहांगीरपुर झाझर रोड पर बूढ़े बाबा मेला प्रांगण में विशाल मेले का आयोजन किया गया। अनेक धर्म के लोगों ने आस्था के साथ बूढ़े बाबा की दौज श्रद्धा पूर्वक मनाई गई।जिसमें नगर व ग्रामीण क्षेत्र से आए हजारों बच्चों व महिलाओं ने प्राचीन तालाब के किनारे बैठकर पूजा-अर्चना कर बूढ़े बाबा से कुष्ट व त्वचा रोग से छुटकारा दिलाने की मनौती मांगी।इसी आस्था के चलते तालाब में बूढ़े बाबा की दौज का पूजन करके आटा व दाल आदि कुम्हार को देकर तालाब से निकाली जाने वाले मिट्टी का तिलक लगवाया जाता है।अनेक धर्म के लोगों ने कुष्ठ रोग को खत्म करने के लिए तालाब की मिट्टी लगाई। पुरानी मान्यताओं के अनुसार, इस पूजा-अर्चना का चढ़ावा कुम्हार जाति के लोगों को दिया जाता है। एवं उन्ही के द्वारा प्रत्येक पूजा करने वाले के ऊपर मोर पंखी घुमाकर आशीर्वाद दिया गया। मेला क्षेत्र में झूला,चर्ख,खिलौने,मिट्टी के बर्तन, फल, चाट, टिक्की, मूंगफली आदि बेचने की दुकानें लगी। इस दौरान हजारों की संख्या मे श्रद्धालुओं की भीड़ मेले में उमड़ी। और श्रद्धालुओं ने भगवान से निरोग काया रहने की प्रार्थना की। प्रजापति समाज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देकर दक्षिणा प्रदान की।मान्यता है कि बूढ़े बाबा की दौज पूजा करने से चर्म रोग ठीक हो जाते हैं। मेला रोड पर जाम की स्थिति ना बने इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।फूलसिंह और तेजवीर सिंह प्रजापति ने बताया कि यहां पर सैकड़ों वर्षों से मेला लगता आ रहा है। परंपरा है कि बूढ़े बाबा की दौज पर पूजा करने और तालाब के पानी से शरीर पर दाग-धब्बे और चर्म रोग दूर होते हैं। इसी के चलते हर वर्ष बाबा की दौज मनाई जाती है।