Greater Noida: देश की स्वतंत्रता के 77 वर्षों बाद भी प्रेस (पत्रकारिता) को संवैधानिक स्थान नहीं मिल पाया है। इस मुद्दे को लेकर वरिष्ठ पत्रकार पंकज धीरज ने संविधान दिवस के अगले दिन अलीगढ़ में पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी पार्क में एक बैठक आयोजित की। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के साथ ही प्रेस लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है, लेकिन इसे अभी तक संवैधानिक सम्मान नहीं मिला। पंकज धीरज ने बताया कि इस विषय को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल देश के राष्ट्रपति से मिलने जाएगा और सांसदों से इस प्रस्ताव को स्वीकृत कराने का प्रयास करेगा। इस दौरान अन्य पत्रकारों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया और पंकज धीरज को इस अभियान का संयोजक बनाया गया।