Greater Noida : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और सपा प्रमुख ने सनातन धर्म की सुपारी ले रखी है। महाकुंभ पर इनकी गिद्ध दृष्टि लगी हुई थी। ये लोग पहले दिन से चाहते थे कि महाकुंभ में कोई अनहोनी हो। संसद में दोनों के बयान इनके सनातन धर्म विरोधी चरित्र को दिखाते हैं और बताते हैं कि ये सनातन धर्म से कितनी नफरत करते हैं। महाकुंभ भगदड़ के बाद 17 घंटे तक आंकड़े छिपाने को लेकर योगी ने कहा कि हमारी प्राथमिकता लोगों की जान बचानी थी। उस दिन महाकुंभ में 8-9 करोड़ लोग उपस्थित थे। ऐसे में उन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना प्राथमिकता थी। मौनी अमावस्या के दिन घटी घटना पर योगी ने कहा कि 29 जनवरी को जो घटना हुई है, हम उसकी तह तक जाएंगे और जो लोग भी इसके जिम्मेदार होंगे, उनको बख्शा नहीं जाएगा।
भाजपा सांसद व अभिनेत्री हेमा मालिनी ने महाकुंभ भगदड़ हादसे को ‘बड़ा हादसा’ नहीं होना बताया है। सांसद ने मंगलवार को कहा कि हादसा हुआ है, लेकिन यह इतना बड़ा हादसा नहीं था, उत्तर प्रदेश सरकार महाकुंभ का सफल आयोजन करा रही है। यहां जिक्र करना जरूरी है कि मौनी अमावस्या के स्नान से पहले ही मंगलवार की रात महाकुंभ मेला क्षेत्र में संगम तट पर भगदड़ मची थी, जिसमें 30 लोगों की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में महाकुंभ में हुई भगदड़ और उसमें मारे गए लोगों के आंकड़े जारी करने को लेकर बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने कहा कि न्यूज चैनल से मुझे पता चला कि महाकुंभ में 100 करोड़ लोगों के आने का इंतजाम किया गया था। अखिलेश ने पूछा, तो यह हादसा कैसे हो गया? उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कहा कि अगर यह बात गलत है तो मैं रिजाइन आपको देना चाहता हूं।अखिलेश यादव ने कहा, “सरकार लगातार बजट के आंकड़े दे रही है। आंकड़े देने से पहले महाकुंभ में मरने वालों के आंकड़े भी दे… मैं मांग करता हूं कि महाकुंभ की व्यवस्थाओं के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।”