New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया अकाउंट या सामग्री को को सुनवाई का अवसर दिए बिना ब्लॉक करने के मुद्दे पर विचार करने की सहमति जताई है। अदालत ने सूचना प्रौद्योगिकी (जनता के सूचना तक पहुंच को अवरुद्ध करने की प्रक्रिया और सुरक्षा उपाय) नियम, 2009 के नियम 16 को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने याचिकाकर्ता सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ता के वकील इंदिरा जयसिंह ने दलील दी कि सरकार के पास सूचना हटाने का अधिकार है, लेकिन सामग्री पोस्ट करने वाले व्यक्ति को नोटिस देना अनिवार्य होना चाहिए।