New Delhi : दिल्ली के जंतर-मंतर पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के नेतृत्व में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप बताते हुए सरकार से बिल वापस लेने की मांग की। विरोध करने वालों ने चेतावनी दी कि अगर बिल वापस नहीं लिया गया तो सीएए-एनआरसी की तरह देशभर में आंदोलन होगा। दूसरी ओर, केंद्र सरकार का कहना है कि यह बिल आम मुसलमानों के हित में है और वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने के लिए जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। सरकार वक्फ की संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने की योजना पर भी विचार कर रही है ताकि गलत दावों को रोका जा सके। भाजपा ने प्रदर्शनकारियों के तेवरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संसद के अधिकार को चुनौती देने जैसा है। पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे पर गलत अफवाहें फैलाकर मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं, जैसे कि सीएए-एनआरसी के समय किया गया था। वहीं, वक्फ बोर्ड संशोधन बिल कमेटी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि सरकार इस कानून को आम मुसलमानों के हित में लेकर आ रही है और अनावश्यक विरोध किया जा रहा है।