New Delhi : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को कहा कि भारत की जड़ें सनातन धर्म में निहित हैं और देश अहिंसा, शांति व भाईचारे के सिद्धांतों के कारण सदियों से दुनिया के लिए मार्गदर्शक रहा है। कोलकाता में गौड़ीय मिशन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद की 150वीं जयंती समारोह में उन्होंने कहा कि भारत की 5000 साल पुरानी संस्कृति अद्वितीय है और इसे आगे बढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन ज्ञान केंद्रों के विनाश पर चिंता जताई और कहा कि भारत आध्यात्मिक उन्नति के साथ विश्व गुरु बनने की ओर बढ़ रहा है। उपराष्ट्रपति ने बंगाल के ऐतिहासिक योगदान को भी सराहा और बीरभूम के तारापीठ शक्तिपीठ मंदिर में पूजा-अर्चना की।