बुलंदशहर

जहांगीरपुर (सुहैल खान) ख्वाहिशो से नहीं गिरते फूल झोली में अपने कर्म की साख को हिलाना पड़ता है अंधेरे को कोसने से कुछ नहीं होता अपने हिस्से का दिया खुद जलाना पड़ता है यह कहावत बिल्कुल सही बैठती है गांव भाईपुर जिला बुलंदशहर निवासी निकिता कुमारी का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में हुआ है इनके पिता रूपचंद उर्फ बसंत एक किसान है और खेती करने के बाद कस्बा जहांगीरपुर की में मार्केट में रहकर लगभग 20 वर्ष से चाय की दुकान चला रहे हैं और काफी संघर्षों से अपनी बेटी को पढ़ाकर आज इस मुकाम तक पहुंचा है निकिता के उत्तर प्रदेश पुलिस में चयन होने के बाद परिवार और समाज के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं बधाइयां देने वालों का उनके घर पर तांता लगा हुआ है लोग उन्हें अपने-अपने तरीके से बधाई दे रहे हैं निकिता कुमारी ने बताया कि उनके माता-पिता और परिवार का इस सफर में बहुत बड़ा योगदान रहा उत्तर प्रदेश पुलिस में चयन होने पर पिता रूपचंद उर्फ बसंत का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है गांव व क्षेत्र के सम्मानित लोग उनके घर पहुंच कर उन्हें बधाई दे रहे हैं सभी को उनकी सफलता पर गर्व महसूस हो रहा है