जहांगीरपुर :- रावण मेला के अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी मंगलवार को नगर पंचायत जहांगीरपुर के खुर्जा जेवर रोड पर रामलीला ग्राउंड परिसर में आयोजित कुश्ती दंगल ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इस अवसर के मुख्य अतिथि चेरी फाउंडेशन ट्रस्ट नोएडा के अध्यक्ष आनंद नगर
ने दंगल की शुरुआत दो पहलवानों का हाथ मिलवा कर की। देश अनेकों राज्यों से दर्जनों पहलवानों ने अपना दमखम आजमाया। रोमांचक कुश्ती प्रथम कुश्ती 51 हजार की
आर्यन पहलवान सारंगपुर व रोहित पहलवान हरियाणा
के बीच हुई। जिसमें आर्यन पहलवान सारंगपुर ने रोहित पहलवान हरियाणा को पछाड़ दिया। जबकि अधिकांशतः कुश्ती बराबरी पर छूटी। संचालन प्रधानाचार्य कुलभूषण शर्मा ने व्यक्त किया।रामायण मेला समिति की तरफ से घोषणा की गई जो पहलवान तीन वर्ष प्रथम कुश्ती विजेता रहेगा उसको चांदी की 61 तोले की चांदी की गदा दी जाएगी।दंगल का आयोजन करने वाले और संजय सिंह मीणा ने बताया कि पिछले छः दशकों से कस्बे में कुश्ती दंगल का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमने इसे कस्बे और क्षेत्र के सहयोग से कायम रखने का प्रयास किया है।दंगल में जाकिर पहलवाल और डॉक्टर सतवीर सिंह ने मैच रेफरी की भूमिका निभाई। और बताया दंगल कुश्ती को मल्ल युद्ध के तौर पर भी जाना जाता है। इसका उल्लेख रामायण और महाभारत में भी देखने को मिला है। जहां रामायण में रावण और बाली के युद्ध का वर्णन है।दंगल कुश्ती प्राचीन काल से ही लोकप्रिय है।पिछले कई दशकों से भारत में दंगल कुश्ती काफी प्रसिद्ध है। दंगल कुश्ती खेल जितना देखने में रोचक और लुभावना लगता है, उतना ही ये मुश्किल होता है।दंगल कुश्ती में एक पहलवान दूसरे पहलवान को चित करने के लिए तरह-तरह की तकनीक का इस्तेमाल करता है। दंगल कुश्ती युद्ध कला का एक प्रारूप है। जहां पहलवान मिट्टी पर इस खेल का अभ्यास करते हैं, जिसे अखाड़ा कहा जाता है।इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष गजेंद्र सिंह मीणा,जगदीश शर्मा,योगेश शर्मा,दिव्यांग गौड,आकाश भारद्वाज,मोनू अग्रवाल,और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।