नवेली लिग्नाइट संयुक्त उपक्रमों में समायोजन पर राज्य विद्युत परिषद की चिंता

Spread the love

Greater Noida: राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन (उत्तर प्रदेश) के केंद्रीय अध्यक्ष इं0 गोपाल वल्लभ पटेल ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के बाद कॉर्पोरेशन में कार्यरत जूनियर इंजीनियरों और अन्य कर्मियों की नौकरी खतरे में है। यूपीपीसीएल प्रबंधन का समायोजन रोडमैप अपर्याप्त है, जिसके कारण 1016 अभियंता, 2154 जूनियर इंजीनियर और 23816 अन्य कर्मचारी समायोजन के लिए संघर्ष करेंगे।संगठन ने कहा कि एनटीपीसी और नवेली लिग्नाइट के साथ संयुक्त उपक्रमों की परियोजनाओं में 6500 मेगावाट की स्थापित क्षमता के लिए केवल 3250 कर्मचारियों की आवश्यकता है, जिनमें से 1600 कर्मचारियों को अन्य निगमों से तीन वर्ष के लिए प्रतिनियुक्ति पर तैनात किया जा सकता है, जो पर्याप्त नहीं है।संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से अपील की है कि निजीकरण के प्रस्ताव को निरस्त किया जाए और ऊर्जा निगमों में सुधार के व्यापक कार्यक्रम की शुरुआत की जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *