Prayagraj : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि कर्मचारी की मृत्यु के पांच साल के भीतर दाखिल अनुकंपा नियुक्ति का दावा फैसले की तारीख के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की अदालत ने यह टिप्पणी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मृतक कर्मचारी के आश्रित बेटे दिव्यांशु पांडे की याचिका स्वीकार करते हुए की। कोर्ट ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति का दावा समय सीमा के भीतर किया गया है, तो उस पर नियोक्ता को समय से विचार करना चाहिए। याची के पिता की मृत्यु 2014 में हुई थी, और याची ने 2018 में दावा किया था।