New Delhi : भारत और चीन, दोनों के प्रमुख शहरों, दिल्ली और बीजिंग, में वायु प्रदूषण का स्तर पहले बहुत उच्च था। बीजिंग ने 2013 में शुरू किए गए एयर पॉल्यूशन एक्शन और 2018 में लागू की गई तीन वर्षीय कार्ययोजना से प्रदूषण में महत्वपूर्ण कमी की, जबकि दिल्ली ने इस दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं की। चीन ने प्रदूषण से निपटने में सफलता हासिल की, लेकिन 2017 के अंत तक उसके अधिकांश शहर डब्ल्यूएचओ मानकों को पूरा नहीं कर सके। भारत को अपनी वायु गुणवत्ता निगरानी और उत्सर्जन नियंत्रण ढांचे को बेहतर करने की आवश्यकता है। एनसीएपी 2.0 और मल्टी-मॉडल डाटा एकीकरण के साथ भारत प्रदूषण नियंत्रण में सफलता प्राप्त कर सकता है।