Lakhnow : उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत चिकित्सकों व चिकित्सा शिक्षकों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर सख्ती शुरू हो गई है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सरकार ने सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों से 20 फरवरी तक रिपोर्ट मांगी है। हाईकोर्ट ने विभाग से रिपोर्ट तलब की, मामला जनहित याचिका में बदला। अब तक कई जिलों से रिपोर्ट नहीं आई, सख्त निर्देश जारी। शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी डॉक्टर के प्राइवेट प्रैक्टिस में लिप्त होने की शिकायत मिले तो समिति की बैठक कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाए।