धर्म से ऊपर राधा-कृष्ण का प्रेम, परंपरा में सहभागी मुस्लिम समाज

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Mathura : लठामार होली श्रीकृष्ण की नगरी की गलियां भक्ति और प्रेम से सराबोर हैं, जहां लठामार होली विशेष महत्व रखती है। नंदगांव और बरसाना के बीच होने वाला यह उत्सव प्रेम और हास-परिहास का प्रतीक है। राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम के चलते दोनों गांवों के लोग आपस में विवाह नहीं करते, चाहे वे किसी भी धर्म के हों। यहां के मुस्लिम समाज में भी इस परंपरा का पालन किया जाता है। नंदगांव के हुरियारे बरसाना में और बरसाना के हुरियारे नंदगांव में होली खेलने जाते हैं। इस दौरान हास्य, गालियों और स्नेह से भरी यह परंपरा लोगों को कृष्ण-लीला की याद दिलाती है, जिसे सदियों से निभाया जा रहा है।

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