New Delhi : अब आयकर विभाग टैक्स चोरी की जांच के लिए करदाताओं के सोशल मीडिया, ईमेल, मोबाइल फोन और कंप्यूटर तक पहुंच सकेगा। नए आयकर बिल-2025 में विभाग को विशेष कानूनी अधिकार दिए गए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। अगर किसी व्यक्ति पर आय छिपाने या टैक्स चोरी का संदेह है, तो उसके ट्रेडिंग अकाउंट, ऑनलाइन निवेश और बैंक खातों की जांच की जा सकेगी। इसके अलावा, वर्चुअल डिजिटल स्पेस (वीडीएस) की व्यापक परिभाषा के तहत सोशल मीडिया, बैंक खाते और ईमेल भी जांच के दायरे में आएंगे। अधिकारियों को लॉक तोड़ने की शक्ति भी दी गई है।